महर्षि वाल्मीकि का संदेश समाज के लिए उपयोगी : एडीएम
संकट मोचन मंदिर में पूजन कर रामायण पाठ का किया शुभारंभ
बांदा, के एस दुबे । आदि कवि महर्षि बाल्मीकि ने रामायण की रचना कर सामाजिक समरसता का सन्देश दिया था, जो समाज के लिए बहुत ही उपयोगी है। अपर जिलाधिकारी संतोष बहादुर सिंह ने यह विचार महर्षि बाल्मीकि जयन्ती पर संकट मोचन मन्दिर में विधि-विधान से पूजन कर रामायण के पाठ का शुभारम्भ करते हुए यह बात कही। उन्होंने महर्षि बाल्मीकि के चित्र पर माल्यार्पण कर अपने श्रद्धा-सुमन अर्पित किये।
| संकट मोचन मंदिर में रामायण की पूजा करते एडीएम संतोष बहादुर सिंह |
अपर जिलाधिकारी ने कहा कि रामायण के सामाजिक मूल्यों को हमें अपने व्यवहारिक जीवन में अपनाना चाहिए जिससे समाज में शान्ति और सौहार्द स्थापित हो सकता है। उप निदेशक सूचना भूपेन्द्र सिंह यादव ने इस अवसर पर महर्षि बाल्मीकि के चित्र पर माल्यार्पण किया। उन्होंने कहा कि महर्षि बाल्मीकि द्वारा रचित रामायण में मानवीय मूल्यों की जो व्याख्या की गयी है, वह आज भी प्रसांगिक है। बाल्मीकि जयन्ती के अवसर पर सायं काल संकट मोचन मन्दिर पर 108 दीप प्रज्वलित कर दीप दान किया गया। इस अवसर पर रामायण पाठ के साथ-साथ सूचना विभाग में पंजीकृत सांस्कृतिक दलों द्वारा भजन गीत प्रस्तुत किये गये। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी मंजू अग्रवाल, आशु लिपिक विनोद कुमार, प्रभारी अपर जिला सूचना अधिकारी शारदा देवी, धनंजय सिंह, राज बहादुर नामदेव, अंगद शर्मा तथा कलेक्ट्रेट कर्मचारी व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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